Haunted Hotel sachi bhutiya ghatna

sachi bhutiya ghatna:- ये कहानी हमारे ही एक फैन सागर ने हमें भेजी है और ये कहानी उसके मामा के साथ हुई एक सच्ची घटना है कुछ साल पहले मुझे एक जगह पर अपनी कपनी की तरफ से एक फैक्टरी इंस्पेकशन पर जाना पड़ा

जहा काम ख़तम करते करते मझे काफी देर हो चुकी थी इसी लिए में उसी फैक्टरी के पास बने एक होटल के पास जा के रुक गया जब में वहाँ पंहुचा तो रेसप्टिनिस्ट ने मुझे बताया की सारे रूम बुक हो चुके है

काफी रात हो चुकी थी और बहार काफी ठंड पड़ रही थी इतनी रात में बहार कहा जाता तो मेने उस रेसप्टिनिस्ट से बहुत रिक्वेस्ट की और कोई कोसिस के बाद उसने मुझे 6th फ्लोर पर एक रूम दे दिया और रूम में जाते जाते उसने मुझसे एक बात बोली जिसे सुनके मुझे थोड़ा अजीब लगा उसने मुझसे बोला की आप अपना रूम बारा बजे के बाद बिलकुल मत खोलियेगा मेने उस बात पर ज्यादा धयान नहीं दिया

और उससे एक पानी की बोतल भिजने को बोल अपने रूम की तरफ जाने लगा में बहुत जगा थका हुआ था और मुझे कब नींद आ गई मुझे पता ही नहीं चला में सो ही रहा था की मेरे रूम के दरवाजे पर आवाज होने लगी

और मुझे लगी की रेसप्टिनिस्ट पानी की बोतल ले कर आगया मेने उठ कर देखा तो रूम में बिल कुल अँधेरा था शायद होटल की लाइट जा चुकी थी जब मेने दरवाजा खोला तो मेने घडी पर ज्यादा धयान नहीं दिया और दरवाजा खोल दिया

दरबाजे पर एक व्यक्ति खड़ा था जिसका मुँह दिलकुल ढाका हुआ था और उसके एक हाथ में दिया था और एक हाथ में पानी की बोतल जैसे ही में उस व्यक्ति से पानी की बोतल लेने के लिए आगे गया वो थोड़ा सा पीछे हो गया और होटल की बालकनी की तरफ जने लगा में उस पर चीला रहा था लेकिन वो मेरी कोई बात नहीं सुन रहा था

मुझे बहुत जगा घूसा आ गया और मेने तभी उसका हाथ पकड़ लिया वो व्यक्ति पीछे मुड़ा और मुझ पर छिलने लगा और तभी उसके मुँह से वो कपडा निचे गिर गया जिससे उसने अपना मुँह ढाका हुआ था

उस व्यक्ति का मुँह देखा कर मेने होश उड़ गए उस व्यक्ति की दोनों आँखे नहीं टी और सर पूरी तरह से खुला हुआ था में बहुत ज्यादा डर गया और अपने होटल के रूम की तरह भागने लगा जब मेने रूम में जा के घडी में देखा

तो घडी में एक बज रहा था और तब मुझे रेसप्टिनिस्ट की बात याद आई तब फिर से मेरे रूम का दरवाजा बजने लगा लेकिन मेने इस बार दरवाजा नहीं खोला और रेसप्टिनिस्ट को फ़ोन किया

लेकिन फ़ोन की कॉल जाती रही लेकिन किसी ने फ़ोन नहीं उठाया सारी रात मेरे रूम का दरवाजा बजता रहा जिससे में पूरी तरह डर गया था सुबह होते ही में रेसप्टिनिस्ट के पास गया और उससे बहुत डाटा

तो उस रेसप्टिनिस्ट ने मुझे बताया की कुछ साल पहले एक व्यक्ति ने उस फ्लोर पर खुद को जला कर मार दिया था और तभी से उस व्यक्ति की आत्मा उस फ्लोर पर घूमती है और कोई बार उस फ्लोर से कोई लोग गिर कर मर भी चुके है

इसी लेकि हम यो फ्लोर किसी को भी नहीं देते मेने अपने आप को बहुत खुशनसीब समझा और तभी वहाँ से अपने घर वापस आ गया दस्तो आपको हमारी ये कहानी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताये थैंक यू हमारी स्टोरी को पढ़ने के लिए फिर मिलेंगे एक और नई स्टोरी के साथ

sachi bhutiya ghatna

sachi bhutiya ghatna in english

sachi bhutiya ghatna:- This story has been sent to us by a fan of ours Sagar and this story is a true incident with his maternal uncle. A few years ago,

I had to go to a factory inspection on behalf of my company at a place where I am too late to finish the work. That was why I stopped to go to a hotel near the same factory when I reached there,

the receptionist told me that all the rooms have been booked, it was quite a night and outside It was cold, so-called out at night, I requested a lot from the Receptionist and after some cases,

he gave me a room on the 6th floor and while going to the room, he told me one thing which I felt a bit strange to hear. I told you that you will not open your room all afternoon,

I did not pay much attention to that and started sending a water bottle to him and started going towards my room. The wake was tired and when I fell asleep I did not know I was sleeping that there was a sound at the door of my room and I felt that the Reptinist took a bottle of water and I looked up and saw that the bill was dark in the room. Perhaps the hotel light had gone, when I opened the door,

I did not pay much attention to the watch and opened the door. At the door, there was a person standing with a heart covered in his hand. Or was it, and as soon as the water bottle in one hand went forward to take the water bottle from that person, he turned back a bit and started to walk towards the balcony of the hotel,

I was chewing on him but he did not listen to me I was very woke up and I grabbed his hand then the person turned back and started peeling at me and then the cloth fell from his mouth with which he had covered his face.

Seeing that I flew out of my senses, both the eyes were not open and the head was completely open and I was very scared and started running like my hotel room.

When I looked in the room, I saw a ringing in the clock Was and then I remembered the talk of the Receptionist, then the door of my room started ringing but I did not open the door this time and called the Receptionist but the phone kept calling but no one called Right all night the door of my room kept ringing,

which I was completely scared, went to the Receptionist in the morning and that much data from that Receptist told me that a few years ago a person burnt himself on that floor Was and since then the soul of that person roams on that floor and some times some people have fallen from that floor and have died,

but we do not give this floor to anyone. Electricity lucky understood and then there came back to his home Dasto you will then read must tell Thank you for our story and comment us how was our Story with a New Story

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